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    September 29

    परीक्षण

     

    छुटपन में

    सुना था, बुजुर्गों की

    महफ़िल में

    खैनी चूना आँख में डालने से

    आँखें अन्धी हो जाती हैं

     

    चंचल मन प्रयोग कर

    वास्तविकता को

    निहारना

    चाहता था

     

    इन्सान की आँखें

    दर्द महसूस करती हैं, सो

    एक कुत्ते की आँख में, मैनें

    मिश्रण झोंक दिया

     

    उसकी तड़प और

    दर्द की अभिव्यक्तियॉ,

    मेरे अन्तर्मन को

    आत्मग्लानि से भर दिया था

     

    उसके नेत्र से बह रहे

    मवाद

    उसके आँसुओं को

    समेटे थे, कहीं न कहीं

     

    इतने बरस बाद, पुनः

    वे आँसू

    मेरे नेत्रों से फिसल पड़ते हैं

     

    परीक्षण आज भी होते हैं

    प्रयोगशालाओं में, अफसोस

    इन्सानी आँसू अब बाहर नहीं आते………