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Manish Yadav

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29 septiembre

परीक्षण

 

छुटपन में

सुना था, बुजुर्गों की

महफ़िल में

खैनी चूना आँख में डालने से

आँखें अन्धी हो जाती हैं

 

चंचल मन प्रयोग कर

वास्तविकता को

निहारना

चाहता था

 

इन्सान की आँखें

दर्द महसूस करती हैं, सो

एक कुत्ते की आँख में, मैनें

मिश्रण झोंक दिया

 

उसकी तड़प और

दर्द की अभिव्यक्तियॉ,

मेरे अन्तर्मन को

आत्मग्लानि से भर दिया था

 

उसके नेत्र से बह रहे

मवाद

उसके आँसुओं को

समेटे थे, कहीं न कहीं

 

इतने बरस बाद, पुनः

वे आँसू

मेरे नेत्रों से फिसल पड़ते हैं

 

परीक्षण आज भी होते हैं

प्रयोगशालाओं में, अफसोस

इन्सानी आँसू अब बाहर नहीं आते………

 

05 febrero

वह कहता है

 

तुम उसे ढूँढ न पाओगे

उस रहस्य को

जिसकी छाया तले तुम

तिलमिला रहे हो

बने एक लाचार

वह कहता है

 

 

तुम देख नहीं सकते

तुम सुन नहीं सकते

तुम महसूस नहीं कर सकते

हर स्थिति से, तुम

अपंग कर दिये गये हो

वह कहता है

 

 

तुम धोखे में हो

अपने आप में कैद

एक कैदी हो

खूबसूरत कैदखानों में रखा है तुमको

हाँ तुम कैद हो, चीखकर

वह कहता है

 

 

एकाएक चुप होकर

वह निहारता है

इस संसार के रंग भरे

दृश्यों को

पल भर की मुस्कान बिखेर

फफक कर रो पड़ता है

मैं कौन हूँ, मैं कौन हूँ

मुझे आज़ाद कर दो, आज़ाद ……

करूण स्वर में

वह कहता है

04 febrero

हिन्दी लेखन और Screamer रेडियो का लुत्फ़ अब UBUNTU (Linux) पर भी …………

 

पिछले लेख में बड़े भैया ने नोकिया फोन (जीपीआरएस) से इंटरनेट कनेक्ट करने की बात पूछी थी। जिस पर अभी कार्य चल रहा है सफलता मिलते ही सूचना मिल जयेगी।

और उन्मुक्त भाई से बस इतना कहना चाहूँगा कि UBUNTU (Linux) इंस्टाल करना बेहद सरल है, जैसे एक साफ्टवेयर इन्स्टाल किया जाता है वैसे ही इसे भी किया जा सकता है।

चुनना आपको है कि आप विंडोज के साथ UBUNTU (Linux) रखना चाहते हैं कि मुक्त रूप से केवल UBUNTU (Linux) ही इंस्टाल करना चाहते हैं। पिछले लेख में मुफ्त सीडी कैसे प्राप्त किया जाय यह बताया जा चुका है।

1) UBUNTU (Linux) पर हिन्दी कैसे लिखें ?

अगर आप UBUNTU (Linux) 8.04 के प्रयोगकर्ता है तो आप एक छोटी सी इन्स्टालर फाइल language-pack-gnome-hi_8.04+20080415_all यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं। UBUNTU (Linux) 8.10 के यूजर को इस फाइल की कोई आवश्यकता नही है। इस फाइल को इंस्टाल कर लेने के पश्चात आप System > Administration > Language Support तक आ जाये। तदोपरान्त लिस्ट से हिन्दी भाषा चुनकर ओ के बटन दबा दें। कुछ Supported फाइले डाउनलोड होंगी और इन्स्टालेशन पूर्ण हो जायेगा। (इस दौरान आप इंटरनेट से जुड़े रहे)।

सिस्टम पुनःआरम्भ करने के पश्चात आप उपरी कोने पर कीबोर्ड का एक आइकान देखेंगे जिसकी मदद से आप हिन्दी के साथ अन्य भारतीय भाषा भी लिख सकते हैं। यह विंडोज में उपयोग किये जाने वाले हिन्दी यूनिकोड राइटर जैसा ही कार्य करता है। अतः हिन्दी लिखने में कोई समस्या नही आती।

2) Screamer रेडियो का आनन्द नेट सर्फिन्ग के दौरान …………>>

अगर आप पुराने और नये, भक्तिमय और धूमधड़ाके जैसे गाने सुनने के शौकीन हैं तो आपके लिये यह बिल्कुल ही उपयुक्त है………

नेट सर्फिंग के साथ साथ मनोरंजन भी हो जाय तो आनन्द दोगुना हो जाता है और अपना कार्य भी कुशलता से निपट जाता है।

Screamer Radio अब तक केवल विंडोज पर ही शोभायमान रहा है तथा UBUNTU (Linux) पर ऐसी खुशबू खोजे नही मिलती। लेकिन एक तरीका है जिससे आप इस खुशबू को लगातार महसूस कर सकते है।

तरीका :

सर्वप्रथम आप Wine का उपयोग करें। अरे भाई!! पीने के लिये नही बल्कि इंस्टाल करने के लिये … अगर पहले से ही इंस्टाल कर रखा है तो कोई बात नही।

Method for installing Wine …. (इंटरनेट से आप जुड़े रहे)

Application > Accessories > Terminal

And Write

Sudo apt-get update

Sudo apt-get install wine

कुछ देर बाद Wine इंस्टाल हो जायेगा।

इसके बाद Screamer Radio यहाँ से डाउनलोड कर लीजिये और Home Directory में सुरक्षित कर लीजिये।

फाइल को Extract कर लीजिये और Screamer Radio > screamer.exe पर दो बार चटका (क्लिक) लगाइये।

लीजिये ज़नाब हो गया।

Play पर click करते ही गानों की एक सुरीली धुन आपके कानों को सुकून पहुँचायेगी।

ध्यान रखे :- यह जुगाड़ Method है अतः Menu Bar को हाथ न लगाये। मीनू बार को क्लिक करते ही आप का सारा सिस्टम फ्रीज़ हो जायेगा। जिसके लिये आपको System Restart or Log Off की ज़रूरत पड़ सकती है। अतः आपसे निवेदन है कि जुगाड़ के साथ NO छेड़खानी………

मैनें प्रीसेट के तौर पर एक लोकप्रिय रेडियो स्टेशन पहले से ही ट्यून कर रखा है अतः सिर्फ़ Play करने की ज़रूरत होती है।

3) Screamer Radio को Sound and Videos लिस्ट में रखना …………>>

बार बार Home Directory में जाकर screamer.exe पर क्लिक करने की झंझट से भी बचा जा सकता है,

वो ऐसे ……

Right click on Application

Edit menu > Sound and Videos

Add Items

Name – Screamer Radio

Browse > Home Directory >Screamer Radio >screamer.exe

For screamer Icon ……. Drag and drop this image at Icon place

screamer-radio_cacabuda_software

And close …….. you can now start screamer radio from Application > Sound and Videos > Screamer Radio

इति श्री

राजर्षि नारद से अपेक्षा है कि वे समझ गये होंगे।

कोई और समस्या हो तो समाधान के लिये ज़रूर याद करें।

                                                                           - मनीष

28 enero

Surf the internet on Reliance ZTE MC315 data card and Huawei E325 USB card on UBUNTU (Linux)

 

आज तकनीकविद् बनने का विचार मन में समाया है। सोचा जो कुछ थोड़ी बहुत जानकारी मेरे भेजे में एकत्रित है उसे आप पर उड़ेल दूँ।

अगर आप वायरस नाम की घिनौनी प्रजाति से खिन्न हैं, सुरक्षा को लेकर अच्छे खासे चिन्तित हैं और एंटीवायरस अपडेट के झमेले में पड़े रहते हैं तो आपके लिये यह सुखद लेख साबित हो सकता है।

यहाँ पर वैज्ञानिक भाषा का ज्यादा प्रयोग करना मुझे उचित नही लगता और न ही ज्यादा ताम झाम के साथ आपको समझाना चाहता हूँ। या यूँ कहें समझा ही नही सकता हूँ J

तो मेरी सरल सुबोध भाषा प्रस्तुत है……

फोकट में उपलब्ध आपरेटिंग सिस्टम है UBUNTU जो कि घर बैठे बिठाये मिल जाता है बस http://www.ubuntu.com/ का दौरा कीजिये और जहाँ पर मुफ़्त सीडी भेजने की बात हो वहाँ लपक कर क्लिक कर दीजिये। रजिस्ट्रेशन करने के बाद अपना नाम पता लिख छोड़िये। महीने भर के अन्दर सीडी हाथ में …… अगर इन्तजार करने का मन नही है तो Image file ही डाउनलोड कर लीजिये और Magic ISO Software से उसे Extract कर लीजिये, एक कोरी सीडी का ख्रर्च बच जायेगा।

अलग से Hard Disk का partition बनाने की भी कोई जरूरत नही। C ड्राइव मे अगर 4-6 गीगा बाइट मुक्त जगह हो तो काम बन जाता है।

इन्स्टालेशन के बाद आप दोहरे आपरेटिंग सिस्टम के मालिक हो जाते हैं चाहे XP/VISTA में उछलिये कूदिये चाहे UBUNTU में ……

अगर आपके पास LAN Dial up /LAN ब्राडबैण्ड कनेक्शन हो तो कोई गम नही। जी खोल कर दौड़िये पूरे संसार पर ……

परन्तु अगर आप चलायमान हैं माने कि लैपटाप होल्डर हैं और डाटा कार्ड या USB कार्ड से नेट कनेक्ट करते हैं तो थोड़ा सा व्यवधान आता है। जिससे मैं भी परेशान था।

आइये परेशानी हल करते हैं।

पहली परेशानी à Reliance ZTE MC315 CDMA 1X PCMCIA data card

पहले तो एक “setserial_2.17-45_i386.deb” नामक installer फ़ाइल को यहाँ से डाउनलोड कर लीजिये

और Home Directory में Save कर लीजिये।

अब Application > Accessories >Terminal को शुरु कीजिये।

और लिखना प्रारम्भ कीजिये … थोड़ा सा कष्ट उठा ही लीजिये

sudo dpkg –i setserial*

press Enter key

……………

हो गया।

अब अपने PCMCIA कार्ड को insert कीजिये तथा Application > Accessories >Terminal मे जाकर लिखिये

sudo dmesg

ऐसा कुछ लिखा दिखाई देगा।

pccard: PCMCIA card inserted into slot 0

[ 17.688000] cs: memory probe 0xb0100000-0xb01fffff: excluding 0xb0100000-0xb010ffff

[ 17.692000] pcmcia: registering new device pcmcia0.0

[ 17.712000] tifm_core: MMC/SD card detected in socket 0:3

[ 17.744000] cs: IO port probe 0x100-0x3af: clean.

[ 17.748000] cs: IO port probe 0x3e0-0x4ff: excluding 0x4d0-0x4d7

[ 17.748000] cs: IO port probe 0x820-0x8ff: clean.

[ 17.748000] cs: IO port probe 0xc00-0xcf7: clean.

[ 17.748000] cs: IO port probe 0xa00-0xaff: clean.

[ 17.876000] ttyS3: detected caps 00000700 should be 00000100

[ 17.876000] 0.0: ttyS3 at I/O 0x2e8 (irq = 3) is a 16C950/954

तथा अन्तिम पंक्ति मे ये दिखेगा।

17.876000] 0.0: ttyS3 at I/O 0x2e8 (irq = 3) is a 16C950/954

विशेषकर आप ttyS3 पर ध्यान दें यह ttyS0, ttyS1 या ttyS2 भी हो सकता है।

आप कार्ड की जानकारी भी ज्ञात कर सकते हैं कि वह काम कर रहा है या नहीं।

Application > Accessories >Terminal

And write

sudo pccardctl info

संदेश दिख जायेगा।

अब wvdial.conf के साथ खुरपेंच करने की बारी आती है

Application > Accessories >Terminal

& write

sudo gedit /etc/wvdial.conf

परिवर्तन हेतु वह फाइल खुल जायेगी और आप परिवर्तन कर सकते हैं

wvdial.conf नामक फाइल में लिखी सभी पंक्तियों को मिटा कर इसे लिखिये

-------------------------------------------------------------

#[Dialer Default]

Modem = /dev/ttyS3 (इस स्थान पर ttyS0, ttyS1 या ttyS2 जैसा कि आप के डाटा कार्ड द्वारा प्रदर्शित हुआ है, लिखें)

Baud = 230400

SetVolume = 0

Dial-AT-OK ATDT Command =

Init1 = ATZ

FlowControl = Hardware (CRTSCTS)

Phone = #777

Username = (my mobile no)

Password = (my password)

New PPPD = yes

Carrier Check = no

Stupid Mode = yes

-------------------------------------------------------------------------------------------

और इस फाइल को Save कर लीजिये।

अब खेलने का समय आने ही वाला है बस Application > Accessories >Terminal मे जाकर लिखिये

sudo setserial /dev/ttyS3 uart 16954

*(write ttyS0,ttyS1,ttyS2 as shown by your system)

sudo setserial /dev/ttyS3 baud_base 230400

**(you can use 230400 or 460800 as accepted by your pc card)

sudo wvdial

इसके बाद आप मजे करिये अगर ये पंक्ति दिख गयी तो …

Initializing modem.

WvDial<*1>: Sending: ATZ

WvDial Modem<*1>: ATZ

WvDial Modem<*1>: OK

WvDial<*1>: Modem initialized.

WvDial<*1>: Sending: ATDT#777

WvDial<*1>: Waiting for carrier.

WvDial Modem<*1>: ATDT#777

WvDial Modem<*1>: CONNECT

WvDial<*1>: Carrier detected. Starting PPP immediately.

WvDial<Notice>: Starting pppd at Thu Jan 10 01:45:21 2008

WvDial<Notice>: Pid of pppd: 7883

WvDial<*1>: Using interface ppp0

WvDial<*1>: pppd: ?[06][08]??[06][08]

WvDial<*1>: pppd: ?[06][08]??[06][08]

WvDial<*1>: pppd: ?[06][08]??[06][08]

WvDial<*1>: pppd: ?[06][08]??[06][08]

WvDial<*1>: local IP address 220.226.x.1xx

WvDial<*1>: pppd: ?[06][08]??[06][08]

WvDial<*1>: remote IP address 220.224.1xx.x

WvDial<*1>: pppd: ?[06][08]??[06][08]

WvDial<*1>: primary DNS address 202.138.Xxx.xxx

WvDial<*1>: pppd: ?[06][08]??[06][08]

WvDial<*1>: secondary DNS address 202.138.Xx.x

WvDial<*1>: pppd: ?[06][08]??[06][08]

बस काम हो गया। अब अपना ब्राउज़र (firefox) खोल कर विचरण करिये इस मायावी दुनिया में… ध्यान रहे कि कहीं आपका ब्राउज़र (अग्निलूमड़) आफलाइन मोड मे तो नही है न!! अगर है तो File> Offline पर एक छोटा सा चटका लगाइये और शुरु हो जाइये… कोई समस्या हो तो बताइये। और हाँ Disconnect करने के लिये Ctrl+C दबाये।

और अगली बार फ़िर से नेट कनेक्ट करने के लिये इसे दोहराये

sudo setserial /dev/ttyS3 uart 16954

*(write ttyS0,ttyS1,ttyS2 as shown by your system)

sudo setserial /dev/ttyS3 baud_base 230400

**(you can use 230400 or 460800 as accepted by your pc card)

sudo wvdial

पहला भाग समाप्त हुआ।

दूसरी परेशानी à Reliance Huawei E325 USB card

अगर इस प्रकार का जुगाड़ आपके पास है तो ज्यादा परेशान होने की ज़रूरत नही…

बस छोटा सा काम कर डालिये

कार्ड को insert कीजिये तथा Application > Accessories >Terminal मे जाकर लिखिये

sudo dmesg

अगर आपको अन्तिम पंक्ति मे ttyUSB0 (ttyUSB1,ttyUSB2,ttyUSB3 भी हो सकता है) शब्द दिख जाय तो इस शब्द को गाँठ बाँध कर रख लीजिये

और अब wvdial.conf के साथ खुरपेंच करने की बारी आती है

Application > Accessories >Terminal

& write

sudo gedit /etc/wvdial.conf

परिवर्तन हेतु वह फाइल खुल जायेगी और आप परिवर्तन कर सकते हैं

wvdial.conf नामक फाइल में लिखी सभी पंक्तियों को मिटा कर इसे लिखिये

-----------------------------------------------------------------------

[Modem0]

Modem=/dev/ttyUSB0 (ttyUSB1,ttyUSB2,ttyUSB3 as shown by your system)

Baud=115200

SetVolume=0

Dial Command = ATDT

init1=ATZ

init2=AT+CRM=1

FlowControl= Hardware (CRTSCTS)

[Dialer bsnl]

Username= 165

Password= 165

Phone=#777

Stupid Mode= 1

Inherits = Modem0

---------------------------------------------------

और इस फाइल को Save कर लीजिये।

Application > Accessories >Terminal मे जाकर लिखिये

sudo setserial /dev/ttyUSB0 uart 16954

*(write ttyUSB3,ttyUSB1,ttyUSB2 as shown by your system)

sudo setserial /dev/ttyS3 baud_base 230400

**(you can use 230400 or 460800 as accepted by your pc card)

sudo wvdial

काम समाप्त हुआ आप जुड गये संसार से … अगर ये दिखा तो

-> Initializing modem.

--> Sending: ATZ

ATZ

OK

--> Sending: ATQ0 V1 E1 S0=0 &C1 &D2 +FCLASS=0

ATQ0 V1 E1 S0=0 &C1 &D2 +FCLASS=0

OK

--> Modem initialized.

--> Sending: ATDT#777

--> Waiting for carrier.

ATDT#777

CONNECT 230400

--> Carrier detected. Starting PPP immediately.

--> Starting pppd at Thu Nov 13 15:02:23 2008

--> Pid of pppd: 9371

--> Using interface ppp0

--> pppd: ??[06][08]8?[06][08]

--> pppd: ??[06][08]8?[06][08]

--> pppd: ??[06][08]8?[06][08]

--> pppd: ??[06][08]8?[06][08]

--> pppd: ??[06][08]8?[06][08]

--> local IP address 121.245.91.239

--> pppd: ??[06][08]8?[06][08]

--> remote IP address 172.23.137.14

--> pppd: ??[06][08]8?[06][08]

--> primary DNS address 202.54.15.30

--> pppd: ??[06][08]8?[06][08]

--> secondary DNS address 202.54.1.30

--> pppd: ??[06][08]8?[06][08]

Disconnect करने के लिये Ctrl+C दबाये।

और अगली बार फ़िर से नेट कनेक्ट करने के लिये बस इतना ही करना है।

Application > Accessories >Terminal

And write

sudo wvdial

बस और कुछ नहीं दूसरा भाग भी समाप्त हुआ।

एक अन्तिम बात – अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा है तो बाकी अन्य परेशानियों से निबट सकते हैं लेकिन इंटरनेट ही न हो तो काम न बनेगा…………तो मैने काम बना दिया है और अब आप जी भर कर उपयोग कीजिये।

कोई परेशानी हो तो ज़रूर सूचित कीजिये। धन्यवाद !!

19 enero

ए टी एम बोले तो आफ़त ट्रान्सफरिंग मशीन

 

अधुनिकता ने बड़ी जल्दी ही जन समुदाय को अपने चपेट में ले लिया है। लेकिन इस जन समुदाय की लीला बड़ी विचित्र है।

उस दिन स्टेट बैंक वालों ने बाकायदा फूल माला सजाकर, स्टाफ़ को मिठाई खिलाकर, पब्लिक को ललचाकर एक छोटे से कमरे में एक डिब्बा रख गये जो अद्भुत तरीके से नये नये नोट उगलती थी।

वे लोग खुश हो गये जिनके पास नोट उगलवाने का मन्त्र था या फ़िर वे जो बैंकों से विशेष प्रकार की मन्त्र दीक्षा ले रखी थी जिससे नोट उगलवाना आसान होता है। इन सबके बीच कुछ ऐसे लोग थे जो मात्र इतना जानते थे कि उनके इलाके में अब अइटीअम लग गया है।

वह क्षेत्र मूल रूप से गरीबों का इलाका था। जहाँ एक सुविख्यात मन्दिर है जिसके कारण संभ्रान्त परिवार के लोग भी उस क्षेत्र का अक्सर दौरा करते थे। साथ ही बैंकों की यह पालिसी रही है कि वह अपने कष्ट-मर को हर सम्भव सहायता (विपत्ति) पहुंचाये। सो बैंकों ने कष्टमरों का साथ वहाँ तक भी नहीं छोड़ा कि वे शान्ति के साथ हरि भजन कर सकें। अमूमन अगर भिखारियों को पैसे बाँटते वक्त पैसे खतम हो जाये तो ये आपके लिये …… विशेष सुविधा, बच्चे रो धो कर खिलौने, गुब्बारे माँगने लगे तो आपके मुँह से ये न निकलने पाये कि बेटा पैसे नही हैं … उस पल के लिये …… विशेष सुविधा, बीवी मुँह फुला कर बैठी है कि उसे चुनरी, सिन्दूर, चिमटा, बेलन वगैरह वगैरह चाहिये तो आपके पास कोई बहाना न हो, उस खीझ के लिये …… विशेष सुविधा।

इन बैंक वालों का क्या है, पैसे तो हमें भरने पड़ते हैं और ये हैं कि जब देखो तब पैसा लुटवाने को आतुर रहते हैं। पहले आदमी के पास कुछ रुपये होते थे तो वह बैंक में डाल देता था कि बचे रहेंगे लेकिन आज स्थिति उलट है, पचास रुपये की जरूरत हुई तो आदमी पाँच सौ की एक पीली पत्ती निकाल लाता है और शाम होते होते पचास रुपये ही बचते हैं। बुजुर्गों ने भी कहा है कि पैसे हाथ में लेकर नहीं चलते ……… बल्कि लंगोट में खोंस कर चलना चाहिये ताकि निकालने में झिझक हो …

ए टी एम लग गया था जैसा कि बैंकों की पालिसी रही है कि आपको तनिक मात्र भी दुख-कष्ट न पहुँचे, उस पालिसी के अनुसार ए सी बोले तो वातानुकूलित कमरे का इन्तजाम हुआ था। ताकि अगर एक आध सौ की नोट कम निकले तो भी आप चिर शान्ति की अनुभूति करें और खुशी खुशी घर चले जाय। घर जाकर बीवी को हिसाब देते समय गड़बड़ी सामने आ जाय तो बीवी द्वारा दिये गये लात घूँसों का जिम्मेवार बैंक नही है।

वातानुकूलित कमरे से अनभिज्ञ गरीब बच्चे अक्सर अन्दर बाहर होते और आश्चर्य प्रकट करते कि अन्दर जाड़ा है बाहर गर्मी है …… कुछ दार्शनिक टाइप के बोलते – बरसात भी है क्योंकि वातानुकूलक यन्त्र से पानी टपक कर फर्श पर फैलता रहता। जिससे पता चलता है कि सरकारी चीज ही घटिया होती है।

मशीन लग गयी थी। मन्त्रधारी लोग अपना अपना मन्त्र हाथ में लिये पहुँचने लगे, कुछ दिनों में वहाँ इतनी भीड़ होने लगी कि वातानुकूलित कमरा भी आग उगलने लगा। सभी अपना अपना खुरपेंच लिये मशीन में डालते और निकालते रहते, दूसरे हाथ से पसीना पोछ कर कहते बड़ी गर्मी है भाई……… और दस – बीस गाली बैंक को जड़ देते।

इस बात से बेखबर कि गाली उन्हीं को मिलनी चाहिये। हमारे इलाहाबाद के अल्लापुर की यह परम्परा रही है कि पैसे निकालते वक्त एक आदमी एक समय पर ए टी एम रूम में नही घुसता बल्कि सभी कुकुरमुत्ते की भाँति मशीन को घेरकर खड़े हो जाते हैं, जब सभी लोग लदे रहेंगे तो कमरा क्योंकर ठंडा हो। जन समुदाय गाली गलौज में ही समझदार है मानो गाली विषय में गोल्डमेडल से नवाजा गया है।

स्टेट बैंक के सुशिक्षित गार्ड ने उन सबको बात यह बात समझाई कि श्रीमान एक समय पर एक ही जन अन्दर जायें …… इतनी सी बात बोलते ही उसे लतिया दिया गया।

वह भी खीझ कर ए टी एम की रखवाली करना छोड़ दिया। नतीजन नोंटों का जखीरा अकेला पड़ गया और छोटे बच्चे आकर उसमें लकड़ी से खुरपेंच करने लगे इस आशय से कि इसमें कुछ डाला जाता है तभी पैसे आते हैं। कुछ बड़े खुरपेंची शीशा तोड़कर ट्यूबलाइट ही निकाल कर चलते बनें, और एक दिन तो नोटों की देवी, मशीन पर ही हमला हो गया लेकिन भाग्यवश वह बच गयी लेकिन पूरी साज सज्जा तहस नहस हो गयी।

तब से आज तक उसी स्वरूप में वह कमरा पड़ा है। भीड़ इकट्ठी होती है तो झगड़ा होना तय है क्योंकि लकड़ी से खुरपेंच करने के कारण स्वैपिंग प्रक्रिया ठीक प्रकार से नही हो पाती और पीछे खड़ा व्यक्ति आगे वाले को जल्दी करने को कहता है और बात बढ़ती है और अच्छे से खुरपेंच हो जाती है।

बीच बचाव में पीछे से आये कुछ भद्रेश उन सबको समझा कर कहते हैं - देखो ! ऐसे डालते हैं फ़िर धीरे धीरे हौले से खींचते हैं फ़िर ये आता है फ़िर ये …… पैसे निकालते हैं और निकल लेते हैं। भाड़ में जाये दुनिया अपना तो काम हो गया……

महौल शान्त होता है तो फ़िर से खुरपेंच होती है, स्वैपिंग कायदे से हो गयी तो टच स्क्रीन को ऐसे दबाया जाता है मानो कोई बटन …… कोई अंगूठे से दाबता है तो कोई पूरा हाथ ही लगा देता है……

टेक्नोलॉजी की देवी अगर उस धरती पर अवतरित हो जाये तो उनका भी तियाँ पाँचा एक कर दिया जायेगा।

धीरे धीरे एक एक लोग निकलते जाते हैं कि तभी ज़लालत झेल रहे मशीन से आवाज आती है

Sorry, temporarily Unable to process. Please visit another SBI ATM.

लोगों का चेहरा अचानक ही लटक जाता है और अब तक धक्कापेल कर रहे लोग आपस में पूछते हैं भाई साहब आसपास कोई दूसरा है। कुछ निर्दयी प्रजाति के प्राणी मशीन पर लात मारकर गाली बकने लगते हैं।

धन्य है कि मशीन है कोई बाबूजी (कलर्क) होते तो उनका क्रिया करम हो जाना निश्चित है, इस बात को शायद वे भी जानते हैं तभी तो बैंक में जालीदार खिड़कियों के भीतर दुबके रहते हैं।

ए टी एम कथा निराली है इसका नित पान करने से आफत से छुटकारा मिलता है, कोई तुलसीदास का वंशज या प्रशंसक हो तो वह इस पर ए टी एम चालीसा भी लिख सकता है।

                                                                                                                                                                                   --- मनीष

 
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